CP Radhakrishnan Biography in Hindi
CP Radhakrishnan Biography in Hindi: सी.पी. राधाकृष्णन (पूरा नाम: चन्द्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन) का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पूर में हुआ। उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। राधाकृष्णन की राजनीतिक यात्रा काफी प्रारंभिक उम्र में शुरू हुई—उन्होंने सबसे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को अपना मार्गदर्शक बनाया और 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने।
सी.पी. राधाकृष्णन का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता पोनुस्वामी एक प्रतिष्ठित समाजसेवी थे। राधाकृष्णन की शिक्षा स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों में हुई, जहाँ से उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक किया। उनकी पत्नी का नाम श्रीमती पूनम राधाकृष्णन है। परिवार में उनके दो बच्चे हैं, जिन्होंने भी उच्च शिक्षा प्राप्त की है और सामाजिक कार्यों से जुड़े हैं।

CP Radhakrishnan Biography in Hindi
राजनीति में योगदान
- राधाकृष्णन ने भारतीय जनसंघ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न आयामों पर सक्रिय भूमिका निभाई।
- सांसद रहते हुए उन्होंने कोयम्बटूर सहित तमिलनाडु के औद्योगिक विकास, जल परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे, और शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किए।
- कोयर उद्योग को आधुनिक बनाने, तमिलनाडु में रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास की योजनाओं में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही।
- महाराष्ट्र के राज्यपाल रहते हुए उन्होंने प्रशासन की पारदर्शिता, किसान कल्याण, शिक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में कई पहल कीं।
- वे गरीबों के उत्थान, ओबीसी वंचित वर्ग के अधिकार, और छुआछूत के विरुद्ध अभियान के लिए जाने जाते हैं।
राजनीतिक सफर की शुरुआत:
- 1996 में वे तमिलनाडु भाजपा के सचिव बने।
- 1998 और 1999 में कोयम्बटूर से लोकसभा सांसद चुने गए।
- सांसद रहते हुए संसद की टेक्सटाइल्स समिति के अध्यक्ष, पीएसयू समिति और वित्त पर सलाहकार समिति के सदस्य रहे।
- वे स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की विशेष समिति के सदस्य भी रहे।
- 2004 में भारत का प्रतिनिधित्व संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में किया।
- वे ताइवान के पहले भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल में भी शामिल हुए।

विचारधारा और बड़े अभियान:
2004 से 2007 तक वे तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने 19,000 किलोमीटर लंबी 93 दिनों की रथ यात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें नदियों का लिंक, आतंकवाद का खात्मा, यूनिफॉर्म सिविल कोड, छुआछूत का अंत और नशे के खिलाफ अभियान शामिल था। उन्होंने दो अन्य पदयात्राओं का भी नेतृत्व किया। उन्हें जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेता के रूप में पहचाना जाता है।
प्रमुख प्रशासनिक भूमिका:
- 2016 से 2020 तक वे कोयर बोर्ड, कोच्चि के चेयरमैन रहे, जहां उनके नेतृत्व में कोयर एक्सपोर्ट 2,532 करोड़ रुपये तक पहुंचा।
- 2020 से 2022 तक भारतीय जनता पार्टी के केरल प्रभारी रहे।
- 18 फरवरी 2023 को झारखंड के राज्यपाल बने। यहाँ उन्होंने मात्र चार महीनों में राज्य के सभी 24 जिलों का दौरा किया।
- उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल और पुद्दुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
- 31 जुलाई 2024 को वे महाराष्ट्र के राज्यपाल बने।

पुरस्कार और सम्मान
- कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर खेलों में पुरस्कार।
- विभिन्न सामाजिक संगठनों से सम्मान।
- व्यापार और निर्यात क्षेत्र में प्रशंसा पत्र।
सी.पी. राधाकृष्णन की नेट वर्थ (2025)
तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन की कुल संपत्ति 2025 में लगभग ₹67,11,40,166 (लगभग ₹67.1 करोड़) बताई गई है. उनकी आय के स्रोतों में व्यापार, राजनैतिक वेतन, कृषि-भूमि, रियल एस्टेट तथा शेयर/बॉन्ड आदि शामिल हैं। उनका व्यापार मुख्यतः टेक्सटाइल एक्सपोर्ट से जुड़ा रहा है व संपत्ति में कृषि भूमि, गैर-कृषि भूमि, कमर्शियल बिल्डिंग, आवास और कैश/बैंक बैलेंस भी प्रमुख हैं.
उनके पास कार नहीं है और नई संपत्ति की घोषणाएँ चुनावी हलफनामे के अनुसार ही दर्ज हैं। 2025 तक उनकी अनुमानित संपत्ति $6.7 – $8 मिलियन (₹55 – 65 करोड़) आंकी जाती है।
