bhoopendr yaadav: paanee bachaana dharatee maata kee sachchee seva
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। पानी बचाना ही धरती माता की असली सेवा है। रविवार को वे राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर में बावड़ी रोड स्थित सागर जलाशय के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास करने पहुंचे।
उन्होंने बताया कि इस जलाशय के पुनर्वास से वर्षा जल का स्थायी संग्रहण होगा। इससे क्षेत्र का भूजल स्तर बढ़ेगा और मुंडावर व आसपास के इलाकों में जल संकट से राहत मिलेगी। श्री यादव ने स्थानीय लोगों से अपील की कि जलाशय संरक्षण के लिए एक समिति गठित करें। वे जलाशय के आसपास हरियाली बढ़ाएं, सड़क किनारे पौधारोपण करें और इस क्षेत्र को आदर्श हरित स्थल बनाएं।
अरावली पर्वतमाला के संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अवैध खनन रोकना अनिवार्य है—यह धरती की सबसे बड़ी सेवा है। वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय प्रजातियों के पौधे अधिक लगाएं। कुछ क्षेत्रों को संरक्षित कर प्राकृतिक हरित पट्टी विकसित करें, ताकि पर्यावरण संतुलन बने रहे और वन्यजीवों को संसाधन मिलें।
श्री यादव ने स्पष्ट किया कि पानी बनाया नहीं जा सकता, सिर्फ संरक्षित और पुनः उपयोग किया जा सकता है। देश में मीठे पानी की कमी है, इसलिए जल संरक्षण व पुनर्चक्रण पर ठोस कदम जरूरी हैं। उन्होंने भिवाड़ी के 34 एमएलडी जल शोधन एवं भंडारण संयंत्र का जिक्र किया। इसमें उपचारित जल का इस्तेमाल उद्योगों में हो सकेगा, जिससे ताजे पानी की बचत होगी और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव बनेगा।
