raajasthaan ke mukhyamantree bhajanalaal sharma ne khejadee sanrakshan ke lie sheeghr kaanoon laane ka aashvaasan diya
रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर पर्यावरण प्रेमी संतों और प्रबुद्धजनों से मुलाकात के दौरान उन्होंने खेजड़ी संरक्षण कानून की घोषणा पर उनका आभार व्यक्त किया। श्री शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार खेजड़ी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने पहले ही संतों व प्रतिनिधियों से सुझाव लेकर विधानसभा में इसकी घोषणा की है और अब प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में वृक्षों, पहाड़ों व नदियों की पूजा होती है, जबकि संत-ऋषि समाज को सही मार्ग दिखाते हैं। बिश्नोई समाज ने प्रकृति संतुलन की प्रेरणा दी है। उन्होंने भगवान जम्भेश्वर और मां अमृता देवी को नमन करते हुए कहा कि गुरु जम्भेश्वर के 29 नियम पर्यावरण सुरक्षा का प्रभावी मॉडल हैं। ‘जीव दया पालनी, रुख लीलौ नहीं घावै’ का संदेश निरीह जीवों व पेड़ों की रक्षा को भक्ति का रूप बताता है। मां अमृता देवी ने प्रकृति को मां मानकर उसकी रक्षा का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर सरकार ने दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए हैं। पांच वर्षों में 50 करोड़ से अधिक का लक्ष्य है। प्रदेशभर से आए संतों व प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और उनकी पहल को ऐतिहासिक बताया।
मुकाम पीठाधीश्वर रामानंद महाराज ने कहा कि 70 वर्ष बाद खेजड़ी संरक्षण कानून की पहल सराहनीय है। महंत स्वामी सच्चिदानंद ने गत 27 अगस्त को संतों से सुझाव लेने और विधानसभा में घोषणा करने पर बधाई दी।
