अर्चना पूरन सिंह बोलीं- टीचर्स IAS बनाना चाहते थे, लेकिन मैंने एक्टिंग को चुना
लोकप्रिय अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह ने खुलासा किया है कि स्कूल के दिनों में उनके शिक्षक उन्हें भविष्य का आईएएस या आईएफएस अधिकारी मानते थे। हालांकि, उन्होंने पारंपरिक करियर की राह छोड़कर अभिनय की दुनिया में कदम रखा और अपने फैसले से सभी को हैरान कर दिया।
प्राइम वीडियो की आगामी ओरिजिनल सीरीज़ ‘आदर्श बाल विद्यालय’ के प्रीमियर से पहले अर्चना ने अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि वह पढ़ाई में हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन करती थीं और अपने शिक्षकों की सबसे प्रिय छात्राओं में शामिल थीं। उस समय मेधावी छात्रों के लिए सिविल सेवा को सबसे सम्मानजनक करियर माना जाता था, इसलिए उनके शिक्षक भी उन्हें उसी दिशा में आगे बढ़ते देखना चाहते थे।
अर्चना ने कहा, “मैं हमेशा अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करती थी और मेरे शिक्षक मुझसे काफी उम्मीदें रखते थे। वे चाहते थे कि मैं आईएएस या आईएफएस अधिकारी बनूं। लेकिन जब मैंने उन्हें बताया कि मेरा सपना अभिनेत्री बनने का है और मैं फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाना चाहती हूं, तो वे काफी निराश हो गए। उन्हें लगा कि मैं एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य छोड़ रही हूं।”
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि आज उस घटना को याद करना उन्हें बेहद दिलचस्प लगता है। उनके अनुसार, अभिनय ने उन्हें वह पहचान, सम्मान और दर्शकों का स्नेह दिया जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने का अवसर उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। अर्चना ने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनके शिक्षक आज उनकी सफलता देखकर गर्व महसूस करते होंगे, क्योंकि उन्होंने अपनी पसंद का रास्ता चुना और उसी में सफलता हासिल की।
गौरतलब है कि ‘आदर्श बाल विद्यालय’ एक कॉमेडी-ड्रामा सीरीज़ है, जिसमें उम्मीद, संघर्ष और सामूहिक प्रयास की प्रेरक कहानी दिखाई गई है। सात एपिसोड वाली इस श्रृंखला का निर्देशन हिमांक गौर ने किया है, जबकि इसका निर्माण पोशम पा पिक्चर्स के बैनर तले किया गया है। सीरीज़ में के.के. मेनन मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। उनके साथ अर्चना पूरन सिंह, अभिमन्यु सिंह, नवीन कस्तूरिया, देवेन भोजानी, प्राची शाह सहित कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
