Nana Patekar Controversies
Nana Patekar Controversies: नाना पाटेकर हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग और बेबाक अंदाज से अलग पहचान बनाई है। फिल्मों में उनके अभिनय की जितनी चर्चा होती है, उतनी ही कई बार उनके बयानों और कुछ घटनाओं को लेकर भी विवाद सामने आए हैं।
आइए जानते हैं नाना पाटेकर से जुड़े उन प्रमुख विवादों के बारे में, जिन्होंने लंबे समय तक सुर्खियां बटोरीं।
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Nana Patekar Controversies
1. तनुश्री दत्ता के यौन उत्पीड़न के आरोप
नाना पाटेकर से जुड़ा सबसे चर्चित विवाद अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के आरोपों से जुड़ा है। तनुश्री ने आरोप लगाया था कि 2008 में फिल्म ‘Horn ‘Ok’ Pleassss’ के एक गाने की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया था।
नाना पाटेकर ने इन आरोपों को खारिज किया था और खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया था।
करीब दस साल बाद, 2018 में तनुश्री ने इस मामले को फिर से सार्वजनिक चर्चा में ला दिया। इसके बाद भारत में #MeToo अभियान को भी काफी बड़ा समर्थन मिला। उन्होंने नाना पाटेकर समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने पर्याप्त सबूत नहीं मिलने का हवाला देते हुए मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की।

2. वाराणसी में युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो
नवंबर 2023 में नाना पाटेकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में वह वाराणसी में फिल्म ‘Journey’ की शूटिंग के दौरान एक युवक को थप्पड़ मारते नजर आए।
वीडियो सामने आने के बाद नाना की काफी आलोचना हुई। बाद में अभिनेता ने इस घटना पर सफाई देते हुए कहा कि उन्हें लगा था कि वह युवक शूटिंग का हिस्सा है और वह उसी हिसाब से प्रतिक्रिया दे बैठे। नाना ने इस घटना पर खेद भी जताया था।
3. ‘परिंदा’ की शूटिंग के दौरान विवाद
नाना पाटेकर का नाम फिल्म ‘परिंदा’ की शूटिंग के दौरान निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा के साथ हुए कथित विवाद को लेकर भी सामने आया था।
बताया जाता है कि शूटिंग के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस काफी बढ़ गई थी। रचनात्मक मतभेदों के चलते सेट का माहौल भी तनावपूर्ण हो गया था।
यह किस्सा अक्सर नाना के गुस्सैल और बेबाक स्वभाव से जुड़े पुराने किस्सों में शामिल किया जाता है।

4. नकारात्मक किरदार के ऑफर पर कथित नाराजगी
नाना पाटेकर को लेकर एक पुरानी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि निर्माता रवि चोपड़ा ने उन्हें एक फिल्म में बलात्कारी का किरदार निभाने का प्रस्ताव दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रस्ताव से अभिनेता कथित तौर पर नाराज हो गए थे और उन्होंने गुस्से में प्रतिक्रिया दी थी।
हालांकि, इस घटना से जुड़ी जानकारी मुख्य रूप से मीडिया रिपोर्टों और पुराने किस्सों पर आधारित है। इसलिए इसे नाना पाटेकर का आधिकारिक पक्ष नहीं माना जा सकता।
5. राजनीतिक और सामाजिक बयानों पर विवाद
नाना पाटेकर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए भी जाने जाते हैं। नागरिकता संशोधन कानून, किसानों के आंदोलन और सरकार की नीतियों जैसे मुद्दों पर उनके बयानों ने कई बार चर्चा पैदा की।
उनके कुछ बयानों को लोगों ने सरकार की आलोचना के तौर पर देखा, जबकि कुछ लोगों ने इसे एक अभिनेता की व्यक्तिगत राजनीतिक राय माना। उनकी बेबाक टिप्पणियों के कारण सोशल मीडिया पर भी कई बार बहस देखने को मिली।

6. किसानों के आंदोलन को समर्थन
कृषि कानूनों के खिलाफ चले किसान आंदोलन के दौरान भी नाना पाटेकर ने किसानों के समर्थन में अपनी बात रखी थी।
उनके इस रुख की एक वर्ग ने तारीफ की, जबकि कुछ लोगों ने उनकी राजनीतिक सोच को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, यह मामला किसी कानूनी विवाद से ज्यादा उनके सार्वजनिक बयान और राजनीतिक रुख से जुड़ा था।
7. मराठी फिल्म इंडस्ट्री पर टिप्पणी
नाना पाटेकर ने मराठी सिनेमा को लेकर भी कई मौकों पर अपनी राय जाहिर की है। एक टिप्पणी में उन्होंने कथित तौर पर मराठी फिल्म इंडस्ट्री में व्यावसायिक सोच और मौलिक कहानियों के बीच संतुलन की जरूरत पर बात की थी।
उनकी बात को कुछ लोगों ने इंडस्ट्री में सुधार की जरूरत बताने वाली टिप्पणी माना, जबकि कुछ लोगों को यह फिल्म निर्माताओं की आलोचना लगी।
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