Will Rohit Sharma Play His Last ODI at Lord's?
Will Rohit Sharma Play His Last ODI at Lord’s: करीब दो दशकों तक भारतीय क्रिकेट की सबसे मजबूत दीवार रहे रोहित शर्मा अब अपने करियर के ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां हर पारी उनके भविष्य का फैसला करती नजर आ रही है। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में एक और निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उनके इंटरनेशनल करियर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ऐसे में लॉर्ड्स में खेला जाने वाला तीसरा और निर्णायक वनडे सिर्फ सीरीज का फैसला नहीं करेगा, बल्कि रोहित के भविष्य पर भी सबकी नजरें रहेंगी।
रोहित शर्मा का सफर भारतीय क्रिकेट के सबसे शानदार सफरों में गिना जाता है। मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में शुरुआत करने वाले रोहित बाद में दुनिया के सबसे विस्फोटक वनडे ओपनरों में शामिल हो गए। उन्होंने न केवल अपनी बल्लेबाजी बदली, बल्कि भारत की व्हाइट-बॉल क्रिकेट की सोच भी बदल दी। उनकी आक्रामक शुरुआत ने टीम इंडिया को कई बड़ी जीत दिलाईं।

लेकिन क्रिकेट में अतीत की उपलब्धियां हमेशा भविष्य की गारंटी नहीं होतीं। कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेले गए दूसरे वनडे में रोहित 47 गेंदों पर सिर्फ 26 रन बना सके। उनकी बल्लेबाजी में न तो पुराना आत्मविश्वास दिखा और न ही वही बेखौफ अंदाज, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। कई बार गेंद बल्ले के बीच में नहीं आई, उन्होंने एक मेडन ओवर भी खेला और आखिरकार विल जैक्स की स्पिन पर गलत शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा बैठे।
यह लगातार दूसरा मैच था जिसमें रोहित का आउट होने का तरीका चिंता बढ़ाने वाला रहा। पहले वनडे में वह सैम करन के खिलाफ बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच दे बैठे थे, जबकि दूसरे मैच में भी जल्दबाजी में खेला गया शॉट उनकी पारी का अंत बन गया।
हालांकि भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने रोहित की फॉर्म को लेकर किसी तरह की चिंता जताने से इनकार किया। मैच के बाद उन्होंने कहा कि रोहित संघर्ष नहीं कर रहे हैं और लॉर्ड्स में उनका बिल्कुल अलग रूप देखने को मिल सकता है। कोटक के अनुसार कार्डिफ की मुश्किल पिच और अनियमित बाउंस की वजह से रोहित अपने पसंदीदा शॉट नहीं खेल पाए।
इसके बावजूद आंकड़े रोहित के पक्ष में नहीं हैं। इस साल खेले गए आठ वनडे मुकाबलों में उनके नाम सिर्फ एक अर्धशतक है और उनका औसत लगभग 30 का रहा है। ऐसे आंकड़ों ने इस बहस को और हवा दे दी है कि क्या भारतीय चयनकर्ता 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए अब नई पीढ़ी की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं।

इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे भारत के लिए रोहित शर्मा का आखिरी इंटरनेशनल मैच हो सकता है। हालांकि इस संबंध में न तो बीसीसीआई और न ही टीम मैनेजमेंट की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है।
अगर उम्र की बात करें तो 39 वर्षीय रोहित के सामने चुनौती और भी बड़ी हो जाती है। शुभमन गिल पहले से ही टीम के प्रमुख ओपनर हैं, जबकि यशस्वी जायसवाल जैसे युवा बल्लेबाज भी मौके का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट भविष्य की योजना को ध्यान में रखकर फैसले ले सकता है।
हालांकि रोहित शर्मा की उपलब्धियों पर सवाल उठाना आसान नहीं है। वनडे क्रिकेट में 11,700 से ज्यादा रन, रिकॉर्ड तीन दोहरे शतक और विश्व कप में शानदार प्रदर्शन उन्हें इस फॉर्मेट के महानतम बल्लेबाजों में शामिल करता है। पिछले एक दशक में भारत की व्हाइट-बॉल क्रिकेट को नई दिशा देने में उनका योगदान बेहद अहम रहा है।
खास बात यह है कि रोहित हमेशा टीम को व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर रखते आए हैं। 2019 विश्व कप में पांच शतक लगाने के बावजूद उन्होंने कहा था कि उन रनों का कोई महत्व नहीं क्योंकि भारत ट्रॉफी नहीं जीत सका। वहीं 2023 विश्व कप में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का अंदाज बदलकर टीम को तेज शुरुआत देने की जिम्मेदारी निभाई, भले ही इससे उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड प्रभावित हुए।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रोहित आने वाले समय में अपनी जगह बनाए रखने के लिए वैसा प्रदर्शन कर पाएंगे जिसकी टीम को जरूरत है। लॉर्ड्स का मुकाबला सिर्फ भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का निर्णायक मैच नहीं होगा, बल्कि रोहित शर्मा के करियर का भी एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है।
अगर रोहित बड़ी पारी खेलते हैं तो तमाम अटकलों पर विराम लग सकता है। लेकिन अगर उनका संघर्ष जारी रहता है तो चयनकर्ताओं के लिए मुश्किल फैसला लेना आसान हो सकता है। फिलहाल सभी की नजरें लॉर्ड्स पर टिकी हैं, जहां शायद रोहित शर्मा अपने आलोचकों को एक बार फिर जवाब देने की कोशिश करेंगे।
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