IAS Officer Divya Mittal
IAS Officer Divya Mittal: उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अब अपने अगले कदम का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के बजाय सीधे आम लोगों के साथ मिलकर काम करने की बात कही है।
दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक सफर का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य किसी एक नेता को हटाना या उसकी जगह लेना नहीं है, बल्कि राजनीति के काम करने के तरीके में बदलाव लाना है। उनका कहना है कि राजनीति ऐसी होनी चाहिए जिसमें आम नागरिक अपनी बात खुलकर रख सके, सवाल पूछ सके और बिना किसी डर के अपनी आवाज उठा सके।
उन्होंने कहा कि अब राजनीति में केवल चुनावी समीकरणों या लोगों की संख्या देखने के बजाय इरादे, न्याय, संवेदनशीलता और सोच को महत्व देने की जरूरत है। उनके मुताबिक जनता को सिर्फ वोट या राजनीतिक सीढ़ी के रूप में देखने के बजाय उसे निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनाना जरूरी है।
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किसी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जाएंगी
दिव्या मित्तल ने साफ किया कि फिलहाल वह किसी पार्टी या राजनीतिक झंडे के नीचे काम करने के बजाय लोगों के साथ मिलकर एक नया मंच तैयार करना चाहती हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अगर बदलाव का केंद्र खुद जनता है, तो उसकी शुरुआत भी जनता के बीच से ही होनी चाहिए।
उनका कहना था कि लंबे समय से अलग-अलग राजनीतिक झंडों के नीचे राजनीति होती रही है, लेकिन अगर जनता को वास्तविक बदलाव चाहिए तो केवल किसी मौजूदा व्यवस्था का हिस्सा बनकर उसे हासिल करना मुश्किल होगा।
बिना डर और बिना दबाव की राजनीति का दावा
पूर्व IAS अधिकारी ने कहा कि वह ऐसा राजनीतिक मंच बनाना चाहती हैं जो किसी प्रभावशाली व्यक्ति या ताकत के सामने दबाव में न आए। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने जिस तरह लोगों के साथ काम किया, उसी अनुभव को अब राजनीति में आगे ले जाने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में आने के बाद किसी व्यक्ति की पहचान, प्रभाव या नाम देखकर उसके साथ अलग व्यवहार नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, साफ-सुथरी राजनीति के लिए पैसे, बाहुबल और जाति-धर्म आधारित समीकरणों से अलग रास्ता तलाशना होगा। इस मॉडल को किस तरह जमीन पर उतारा जाए, इसके लिए लोगों के साथ मिलकर निर्णय लेने की बात उन्होंने कही।

उत्तर प्रदेश को बताया अपनी कर्मभूमि
दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश को अपनी ‘कर्मभूमि’ बताया। उनका कहना है कि इसी राज्य में प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्हें यह समझने का मौका मिला कि वह किन लोगों के लिए काम करना चाहती हैं और किन मुद्दों को लेकर आगे बढ़ना चाहती हैं।
उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि आजादी के बाद कई लोगों ने देश के भविष्य को लेकर आशंकाएं जताई थीं, लेकिन भारत ने तमाम चुनौतियों के बावजूद अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था को कायम रखा।
दिव्या ने यह उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार ऐसी समस्याओं का समाधान, जिसे सरकारी तंत्र लंबे समय में नहीं कर पाता, आम लोग मिलकर कर सकते हैं। उन्होंने देवरिया का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां लोगों ने खुद सरकारी जमीन से कब्जे हटाने में पहल की थी।

IAS Officer Divya Mittal
दिव्या मित्तल ने कहा कि वह अकेले किसी नई राजनीतिक व्यवस्था का निर्माण नहीं कर सकतीं। इसके लिए गांवों और कस्बों में लोगों को साथ आना होगा, अपनी बात दूसरों तक पहुंचानी होगी और खुद आगे बढ़कर नेतृत्व की जिम्मेदारी लेनी होगी।
अपने वीडियो संदेश के अंत में उन्होंने लोगों से खुद पर विश्वास करने की अपील की। उनका संदेश था कि किसी एक व्यक्ति पर निर्भर रहने के बजाय जनता को अपनी क्षमता और सामूहिक ताकत पर भरोसा करना चाहिए।
इस तरह 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद दिव्या मित्तल ने अब राजनीति का रास्ता चुना है और उत्तर प्रदेश से अपनी नई राजनीतिक यात्रा शुरू करने की घोषणा की है।
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