Paper Leak Protest Ends: सरकार ने मानीं CJP की मांगें
Paper Leak Protest Ends: सरकार ने पेपर लीक के विरोध में चल रहे विद्यार्थियों के आंदोलन और विपक्षी दबाव के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने तत्काल प्रभाव से अपना आंदोलन वापस ले लिया।
तीसरे दौर की बातचीत में सरकार और सीजेपी के प्रतिनिधियों के बीच आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति बन गयी। इन मांगों में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये सहायता, आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने और शिक्षा तथा परीक्षा प्रणालियों में व्यापक सुधार शामिल थे।
कांस्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका से बातचीत की। दोनों पक्षों ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में सहमति की घोषणा की और सीजेपी के प्रतिनिधियों ने तुरंत आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।
इसी दिन दोपहर में श्री प्रधान ने मंत्रिमंडल से अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा और सोशल मीडिया पर युवाओं को संबोधित पत्र में इस्तीफे की जानकारी दी। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा मंजूर कर दिया और प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
समझौते के बाद जंतर-मंतर का विरोध माहौल जश्न में बदल गया और शाम तक प्रदर्शनकारी धीरे-धीरे धरनास्थल छोड़ने लगे। विपक्षी दलों ने प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र और युवा शक्ति की जीत बताया और कहा कि इससे शिक्षा क्षेत्र में नये सुधारों की शुरुआत होगी।
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में श्री दास ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से उनकी पहली मांग पूरी हो गयी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने दिल्ली और अन्य भाजपा/राजग शासित राज्यों में आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियां वापस लेने और भविष्य में कोई कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया है। सरकार ने इस आश्वासन को मंगलवार तक लिखित रूप में देने का वादा किया है।
नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को मुआवजा देने के संबंध में श्री नड्डा ने कहा कि सरकार और प्रधानमंत्री युवाओं के प्रति सहानुभूतिपूर्ण हैं और नियमों के अनुसार अधिकतम मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

सीजेपी द्वारा दिए गए शिक्षा-परीक्षा सुधारों के चार्टर पर सरकार विचार करेगी और इस मुद्दे पर सीजेपी प्रतिनिधियों के साथ चार सप्ताह के भीतर पुनः बैठक होगी। श्री नड्डा ने शांतिपूर्ण समाधान की अपील करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को सहानुभूति से लिया है, जिसके बाद सीजेपी ने आंदोलन वापस ले लिया।
सरकार सोमवार को पेपर लीक रोकने के लिये कड़े प्रावधानों वाला एक विधेयक लोकसभा में पेश करने की तैयारी कर रही है। इसकी विधेयक प्रस्तुति कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मामलों के मंत्री जितेंद्र सिंह करेंगे। प्रधानमंत्री ने पहले ही मानसून सत्र में इस तरह का कड़ा विधेयक लाने की घोषणा की थी और मंत्रिमंडल ने उसका मसौदा मंजूर किया था।
यह आंदोलन 20 जून से जंतर-मंतर पर सीजेपी के बैनर तले चला और कई अन्य शहरों में भी फैल गया था। समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 28 जून से अनशन किया, जो बातचीत के बाद समाप्त कर दिया गया। दिल्ली में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुई थीं। जंतर-मंतर पर कई विपक्षी नेता और अन्य हस्तियां भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुँची थीं। सीजेपी ने आंदोलन का समर्थन करने वाले विद्यार्थियों, राजनीतिक दलों और जनता का आभार व्यक्त किया है।
